।। विद्या ददाति विनयं विनयाद् याति पात्रताम् ।। — सिराथू, कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश

हमारे बारे में

वैदिक शिक्षा समिति द्वारा संचालित गुरुकुल

प्रबंध समिति की भावी योजनाएँ — प्राचीन भारतीय मूल्य और आधुनिक विज्ञान का एक सुंदर मेल

इसमें मुख्य रूप से समग्र विकास, नैतिक शिक्षा, आध्यात्मिक शिक्षा और आधुनिक तकनीकी शिक्षा का समन्वय शामिल होगा। हमारा लक्ष्य ऐसे विद्यार्थी तैयार करना है जो अपनी जड़ों से जुड़े रहें और भविष्य की चुनौतियों के लिए भी पूरी तरह सक्षम हों।

शिक्षा का पाठ्यक्रम

वेदों और विज्ञान के महत्व के साथ प्राचीन ग्रंथों, दर्शन, आयुर्वेद, गणित, कंप्यूटर विज्ञान तथा आधुनिक विज्ञान की शिक्षा दी जाएगी।

  • वेद एवं प्राचीन ग्रंथ
  • दर्शन · आयुर्वेद
  • गणित · कंप्यूटर
  • आधुनिक विज्ञान

व्यवहारिक कौशल

कृषि, हस्तकला, आपदा प्रबंधन और आत्म-कल्याण के हुनर सिखाकर विद्यार्थियों को व्यावहारिक जीवन के लिए तैयार किया जाएगा।

  • कृषि
  • हस्तकला
  • आपदा प्रबंधन
  • आत्म-कल्याण

पर्यावरण से जुड़ाव

प्रकृति की गोद में रहकर पेड़-पौधों, ऋतुओं और जीवन के बारे में प्रयोग-युक्त ज्ञान दिया जाएगा, ताकि विद्यार्थी पर्यावरण के प्रति जागरूक बनें।

  • प्रकृति में शिक्षा
  • पेड़-पौधे · ऋतुएँ
  • प्रयोग-युक्त ज्ञान
  • पर्यावरण जागरूकता

जीवन शैली और मूल संस्कार

अनुशासन के साथ विद्यार्थियों में बड़ों का आदर, सच्चाई और आत्म-नियंत्रण जैसे गुण विकसित किए जाएँगे।

  • अनुशासन
  • बड़ों का आदर
  • सच्चाई
  • आत्म-नियंत्रण

शारीरिक स्वास्थ्य

प्रतिदिन योग, प्राणायाम, सूर्य नमस्कार और पारंपरिक खेलकूद को अनिवार्य कर स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन का निर्माण किया जाएगा।

  • योग · प्राणायाम
  • सूर्य नमस्कार
  • पारंपरिक खेल
  • स्वस्थ दिनचर्या

तनाव मुक्त वातावरण

डिजिटल या मोबाइल की चकाचौंध से दूर शांत और सादा जीवन जीना सिखाया जाएगा, ताकि विद्यार्थी एकाग्रता और मानसिक शांति विकसित कर सकें।

  • शांत वातावरण
  • सादा जीवन
  • डिजिटल संयम
  • मानसिक शांति

तकनीक और भविष्य की तैयारी

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), पर्यावरण अध्ययन और नवीनीकरण ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सोच-समझकर आधुनिक शोध को स्थान दिया जाएगा।

  • Artificial Intelligence
  • पर्यावरण अध्ययन
  • नवीनीकरण ऊर्जा
  • आधुनिक शोध

रोजगार की क्षमता

विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर और अपने पैरों पर खड़ा होने योग्य बनाया जाएगा, ताकि वे समाज और राष्ट्र निर्माण का नेतृत्व कर सकें।

  • आत्मनिर्भरता
  • रोजगार कौशल
  • नेतृत्व क्षमता
  • राष्ट्र निर्माण

प्राचीन मूल्य · आधुनिक दृष्टि

वैदिक शिक्षा समिति द्वारा संचालित इस गुरुकुल का लक्ष्य शिक्षा को केवल डिग्री तक सीमित न रखकर जीवन के प्रत्येक आयाम में विद्यार्थी का सर्वांगीण विकास करना है।